Markdown Cheat Sheet

Headlines
# Headline 1
## Headline 2
### Headline 3

Styling
*italic*
**bold**
~~strike through~~

Links
http://url.com
[link text](http://www.url.com)

Quotes
> Quote text
***Johnny Author***

Images
![image alt text](image url)
***Image caption, description***

Horizontal rule
---

Inline Code
`var name = "John Doe";`

Code block with syntax highlighting
``` codelanguage
function foo() {
  return bar;
}
```

Bulleted list
- item 1
- item 2
- item 3

Numbered list
1. item 1
2. item 2
3. item 3

वन्दे गुरुपरम्पराम् Vande Guru-paramparaam

गुरु वो दीपक है जो स्वयं जलकर अपने शिष्य के मार्ग को प्रकाशित करता है।

Read this article in English

करुणा की तू मूर्ति है, हिये स्नेह अपार।

जिस पर तेरी हो कृपा, वो हो भवसागर पार।।

रवि सम दिव्य तेज है, ज्ञान का भंडार।

गुरु चरणों की वंदना, है जीवन का आधार। (स्वरचित)

नमस्कार

woman with folded hands and eyes closed paying respect to the Gurus

आज गुरु पूर्णिमा के दिव्य अवसर पर अपने मन के उद्गार व्यक्त करते हुए उन सभी आदरणीय गुरुजनों के चरणों मे श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूँ जिन्होंने सही मायनों में गुरु शब्द को सार्थक किया। अज्ञानता के गहन अंधकार में डूबे हुए मनुष्य को हाथ पकड़कर ज्ञान के उजाले में ले जाने वाले गुरुजनों को परिभाषित करते हुए स्कन्द पुराण में लिखा है-

गुकारश्चान्धकारो हि रुकारस्तेज उच्यते | अज्ञानग्रासकं ब्रह्म गुरुरेव न संशयः ||

people praying under guidance of a Guru who is glowing with the energy of his tapasya

गु’ शब्द का अर्थ है अंधकार (अज्ञान) और ‘रु’ शब्द का अर्थ है प्रकाश (ज्ञान) | अज्ञान को नष्ट करने वाले ब्रह्मरूप जो प्रकाश है वह गुरु है | इसमें कोई संशय नहीं है। गुरु शिष्य परंपरा तो सदियों से चली आ रही है। गुरु वो दीपक है जो स्वयं जलकर अपने शिष्य के मार्ग को प्रकाशित करता है। गुरु के द्वारा हमें केवल ज्ञान प्राप्ति नहीं होती अपितु उस ज्ञान को अपने जीवन में उतारकर कैसे अपनी आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करें यह ज्ञान भी हम गुरु द्वारा ही प्राप्त करते हैं। गुरु के माहात्म्य को शब्दों में बांधना कितना दुरूह कार्य है ये कबीरदास विरचित पंक्तियों के माध्यम से जाना जा सकता हैं-

सब धरती कागज करूँ लेखनी सब वनराज। सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय॥

सारी धरती को कागज,सारे वनों को लेखनी,सातों समुद्र को स्याही बनाकर भी गुरु का महिमामंडन  नहीं किया जा सकता है। गुरु के अलौकिक स्वरूप को शब्दों मे समेटना उतना ही कठिन है जितना नीर को मुट्ठी में बन्द करना। गुरु वो समुद्र है जिसमे गुणरूपी बहुमूल्य रत्न भरे पड़े हैं। अगर हमें उन रत्नों को प्राप्त करना है तो बस आवश्यकता मात्र इतनी है हृदय में सच्ची श्रद्धा हो और ज्ञान प्राप्ति की ललक हो। सभी संशयों का त्याग करते हुए निर्विकार भाव से गुरु चरणों मे स्वयं को समर्पित करें।

ध्यानमूलं गुरोर्मूर्तिः पूजामूलं गुरोः पदम् । मन्त्रमूलं गुरोर्वाक्यं मोक्षमूलं गुरोः कृपा ।।

हमारे ध्यान के केंद्र में गुरु की मूर्ति है,गुरु चरणों का वंदन ही हमारी पूजा है,गुरु वाक्य ही हमारे लिए मंत्र है,गुरु कृपा द्वारा ही हम अज्ञानता के बंधन से मुक्त होकर अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान कर मोक्ष प्राप्त कर सकेंगे। अगर स्वयं को जानना है तो गुरु चरणामृत का पान ही एकमात्र उपाय है जो हमारी सभी कमियों को दूर करके हमें खरे सोने सा शुद्ध कर देता है।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः ।  गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ।।

गुरु वंदन के साथ मैं अब अपनी लेखनी को विराम देती हूँ। सभी पाठकों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनायें। धन्यवाद। 



Vande Guru-paramparaam

'You are a murti of compassion, my love for you is immense.

The one on whom your grace is there,can sail through the bhavsaagar.

Like the sun is your divine radiance, you're the storehouse of knowledge.

The worship of Guru's feet is the basis of life.'

(Poem by Dr Seema translated to English)

Today, on the divine occasion of Guru Purnima, I am expressing the words in my mind, I pay my respects at the feet of all those respected gurus who made the word Guru meaningful in the true sense.  Defining a guru as one who leads one from the darkness of ignorance to the light of realisation the Skanda Purana says-

gukāraścāndhakāro hi rukārasteja ucyate | ajñānagrāsakaṃ brahma gurureva na saṃśayaḥ ||

The word 'gu' means darkness (ignorance) and the word 'ru' means light (knowledge). The one who destroys ignorance, the light of Brahman, is the Guru. There's no doubt about it. The Guru Shishya tradition has been going on for centuries. Guru is the lamp which burns itself and illuminates the path of his disciple.We not only get knowledge through Guru, but we also get knowledge through a Guru only. How difficult it is to bind the greatness of the Guru in words, this can be known through these lines composed by Kabirdas:

saba dharatī kāgaja karūm̐ lekhanī saba vanarāja sāta samudra kī masi karūm̐, guru guṇa likhā na jāya ।।

The correct celebrations and glorification of a Guru cannot be done even by turning the whole earth into paper, all the forests into a pen and the seven seas, the ink. To summarise the supernatural form of the Guru in words is as difficult as it to hold water in a fist. A Guru is that ocean which is full of the precious gems of virtue. If we want to get those gems, then all that we need to do is to have true faith in our heart and have  yearning to attain knowledge. Casting all doubts aside, one must surrender oneself to the Guru's feet.

dhyānamūlaṃ gurormūrtiḥ pūjāmūlaṃ guroḥ padam mantramūlaṃ gurorvākyaṃ mokṣamūlaṃ guroḥ kṛpā ।।

The murti of the Guru is the center of our meditation, the worship of the feet of our Guru is our worship, the Guru's sentence is a mantra for us. It is by the grace of the Guru, we will be able to get rid of the bondage of ignorance by recognizing our true nature and attain moksha. If you want to know yourself, then drinking Guru charanamrit is the only solution, which removes all our shortcomings and purifies us like pure gold. 

gururbrahmā gururviṣṇuḥ gururdevo maheśvaraḥ  guruḥ sākṣāt parabrahma tasmai śrīgurave namaḥ ।।
With this Guru Vandana, I end my article. Shubh Guru Purnima to all the readers. Thank you.

Read more ►
Vachana Sahitya ವಚನ ಸಾಹಿತ್ಯ: Exploring the rich literature of Kannada 
Breathe: a young yogini's message for International Yoga Day


Kannada proverbs with meaning in English

How many of these Kannada proverbs do you know?

Proverbs represent the oldest and multigenerational collective wisdom packed in a few words …

Divyavani sanskrit, sanskrit divas, significance of sanskrit, cover image

Divyavani: Sanskrit the divine language

Read this article in English

दिव्यवाणी संस्कृत 

ज्ञान पिपासुयों के लिए ये शोध का विषय …